Ek पैगाम; china के नाम



कान खोलकर सुन लो चीन
आ गये हैं तेरे बुरे दिन।

डरते नहीं हम तुम्हारी गीदर भभकियों से
डरते हैं हम बस मानवता के मूल्यों से ।

हिंदुस्तान अब मौन नहीं , यहाँ हर शोला अँगारा है
धधक गया तो इसकी ज़द में चाइना लैंड सारा है ।

प्यार , मोहब्बत , भाईचारे की भाषा तुझे समझा रहे
पर तुम अपनी गंदी करतूतों से बाज़ क्यूँ नहीं आ रहे ।

आओ सब मिल प्रण करें
चाइना को पाठ पढाएँगे
इस दिवाली हम हिंदुस्तानी
पटाखे नहीं जलाएँगे ।
                                             ✍ Sunny

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