अधूरा तुम बिन मेरा श्रंगार है - HindiWritings.com

Sad poem for girls

जब से गया है सजन तू  , 
सूना-सूना लगता ये जहाँ है ...
दिल ढूँढता तू कहाँ है ... 
रूठी है मेंहदी ... 
चूङियाँ खामोश है ...
 बिंदिया भी नाराज़ है ...
काजल भीगी सी है ... 
आँखें जागी सी है ... 
महावर बेरंग है 
खफ़ा मुझसे हर रंग है ...
मुंदरी की चमक फीकी सी है ...  
पायल में नही वो झंकार है 
 अधूरी तुम बिन पिया मैं , 
अधूरा तुम बिन मेरा श्रृंगार है... 
आ जाओ ना फिर से इक दफ़ा 
कर लूँ दीदार सनम जी भर के 
सुकून मिल जाये निगाहों को
बरसो से थकी जो करके इंतज़ार है ...

                       -✍ अनिशा यादव



निवेदन:- अगर आपको यह कविता "अधूरा तुम बिन मेरा श्रंगार है" अच्छी लगी हो तो शेयर करें और अपने अनुभव हमें Comment करके जरूर बताएं। आपका सुझाव अमूल्य है।



यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे  E-mail करें. हमारी Id है: hindiwritings@gmail.com .पसंद आने पर हम उसे आपके नाम के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!



No comments

लड़कियां महफूज क्यूँ नहीं - शम्भूनाथ | HindiWritings.com

लड़कियां महफूज क्यूँ नहीं - शम्भूनाथ | HindiWritings.com घर घर में जहाँ पूजा हो ||  पूजी जाती हो मुर्तिया ||   उस देश में मु...

Powered by Blogger.