हमारे लिए (Hamare Liye) by Shambhu Nath | HindiWritings.com

HindiWritings.com, shambhu Nath, hindi romantic poem, hamare liye romantic poem

Hamare liye romantic poem by shambhu Nath, hindiwritings.com, romantic poem by shambhu Nath, romantic poem in hindi, hindi romantic poem, romantic poem for boy, romantic poem for girls



हमारे लिए - शम्भूनाथ कैलाशी


निगाहें थी उनकी
इशारा था उनका ।।
मेरे हुस्न पर ओ ॥
फ़िदा हो गये थे ॥

मै हंसी को लुटाती ॥
मचनले लगी थी ॥
वे बातो से मेरी ॥
रजा हो गए थे ॥


यह भी पढ़ें :- देशी आदमी (शम्भूनाथ कैलाशी)

मांगी जो मन्नत ॥
मिलने लगी थी ॥
खुशिया हमारी ॥
चहकने लगी थी ॥
सातो बचन का ओ || 
पालन किये जब || 
अब हमारे लिए वे 
सदा  हो गए थे ॥

बाहो में हमको ॥
झुलाते थे हरदम ॥
फिकर भी हमारी ॥
करते थे पल पल ॥
गम को कभी पास ॥
आने न देते ॥
हमारे लिए वे ॥
खुदा बन गये थे ॥


✍शम्भू नाथ कैलाशी


निवेदन:- अगर आपको यह प्रेम प्रसंगयुक्त कविता "हमारे लिए" अच्छी लगी हो तो शेयर करें और अपने अनुभव हमें Comment करके जरूर बताएं। आपका सुझाव अमूल्य है।

यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे  E-mail करें. हमारी Id है: hindiwritings@gmail.com .पसंद आने पर हम उसे आपके नाम के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!

No comments

कहानी- मजबूर भोला (Majboor Bhola) by Nirvendra Singh | HindiWritings.com

                   Majboorbhola by Nirvendra Singh, कहानी मजबूर भोला (निरवेन्द्र सिंह), majboor bhola HindiWritings.com, hindi sto...

Powered by Blogger.