पापा का पता

ऐ हवा एक बात बता तुझे पता है क्या मेरे पापा का पता,

उनके बिना अधूरी लगती है यह होली दिवाली,
उनके बिना अच्छी नही लगती यह गुड्डे गुड़ियों के खेल सारे,
ऐ हवा एक बात बता तुझे पता है क्या मेरे पापा का पता,
माँ से पूछूं तो वो आँखे नाम कर लेती है,
दादी माँ भी मुझे देख अब रोती है,
ऐ हवा एक बात बता तुझे पता है क्या मेरे पापा का पता,
पापा के बिना अच्छी नही लगती छुपन छुपायी ,
अब बाजार जाकर कोई नही दिलाता मुझे मिठाई,
ऐ हवा एक बात बता तुझे पता है क्या मेरे पापा का पता,
लुका छिपी और ना खेलो आकर मुझे अपनी गोद में लेलो,
कह दो सबसे के आप हो यहीं, ना पूछूं में हवा से आप का पता फिर  कभी।।
                                     ✍ Sahin Mirza

निवेदन:- अगर आपको यह “कविता” अच्छी लगी हो तो इसे शेयर करें और अपने अनुभव हमें Comment करके जरूर बताएं। आपका सुझाव अमूल्य है।

यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे  E-mail करें. हमारी Id है: hindiwritings@gmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *