माँ – तेरे जैसा कोई नहीं

Ma Tere Jaisa Koi Nhi 


भोली सी सूरत
ममता की मूरत
तुझसा नहीं कोई और है ।
प्रेम की भाषा 
जीवन की आशा 
तुझसा नहीं कोई और है ।
तू ही दुर्गा
तू ही लक्ष्मी
तू ही सरस्वती 
तुझसा नहीं कोई और है ।
भगवान को देखा नहीं पर
उनकी स्वरूप है तू धरती पर
तुझसा नहीं कोई और है ।

                                 

    ✍Sunny

                       




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