Hindi Kavita “माँ एक तू ही तो है” || Hindi Writings

Poem on mother in hindi
जन्म दायनी माँ


माँ एक तू ही तो है..!!

मेरे पास तो नहीं,
पर फिर भी तू मेरे दिल में बस्ती है|
एक तू ही तो है जो मेरी हर कामयाबी पर खिलखिला के हस्ती है|
एक तू ही तो है जो मेरे हर निर्णय लेने से पहले मुझे बताती है की ये गलत और ये सही है|
सुबह की अज़ान से रात की आरती तक,
हर दुआओं में हर पूजा में मेरी सलामती ज़िक्र करती है|
माँ मैं घर आ हूँ अब तू सो जा इस मैसेज के लिये बिना मतलब देर  रात तक जगती है|
मेरी एक छोटी से छोटी खुशी के लिए नाजाने कितनो से लड़ती है|
माँ एक तू ही तो है जो मुझे समझती है..!!
       
             ✍ अनन्य बाजपेई



निवेदन:- अगर आपको यह कविता “मुझे कुछ मिला नहीं” अच्छी लगी हो तो इसे शेयर करें और अपने अनुभव हमें Comment करके जरूर बताएं। आपका सुझाव अमूल्य है।
यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे  E-mail करें. हमारी Id है: hindiwritings@gmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *