हिंदी का सम्मान करो || Hindi ka samman kro – HindiWritings

हिंदी का अपमान करो मत ॥ 

हिंदी से हिन्दुस्तान है ॥ 

हिंदी अपनी मात्र भाषा ॥ 

हिंदी भारत की जान है ॥ 

 सँस्कार यहाँ का देखो ॥ 

जो गाँव गाँव में बसता है ॥ 
रहन सहन और चाल ढाल का ॥ 
अजब अनोखा रिश्ता है ॥ 
गुरु जनो ने जो ग्रंथ लिखे है ॥ 
वे दुर्लभ और महान है ॥ 
हिंदी अपनी मात्र भाषा ॥ 

हिंदी भारत की जान है ॥ 

आन मान मर्यादा का ॥ 
ख्याल हमेशा करते है ॥ 
सच के पथ पर चलते रहते ॥ 
पथ से नहीं बिछड़ते है ॥ 
बल पौरुष धन दौलत है ये ॥ 
यही यहाँ की शान है ॥ 
हिंदी अपनी मात्र भाषा ॥ 

हिंदी भारत की जान है ॥


✍ शंभु नाथ



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