सभी कुछ मुआफ हैं जानी

हवा खुद अब के हवा के खिलाफ हैं जानी
दिए जलाओ के मैदान साफ हैं जानी

हमे चमकती हुई सर्दियों का खौफ नही
हमारे पास पुराना लिहाफ हैं जानी

वफा का नाम यहा हो चुका बदनाम
मैं बेवफा हूँ मुझे एेतराफ हैं जानी

है अपने रिश्ततो कि बुनियाद ज़िन सरायत पर
वहीं से तेरा मेरा इखतिलाफ हैं जानी

वो मेरी पीठ में खंज़र उतार सकता हैं
के जंग में तो सभी कुछ मुआफ हैं जानी

मैं जाहिलों मैं भी लहजा बदल नही सकता
मेरी असास यही शीन- काफा हैं जानी

निवेदन:- अगर आपको यह ‘कविता” अच्छी लगी हो तो इसे शेयर करें और अपने अनुभव हमें Comment करके जरूर बताएं। आपका सुझाव अमूल्य है।
यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे  E-mail करें. हमारी Id है: hindiwritings@gmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *